तय मोर मुनगाकाड़ी – कंचन जोशी, सनत गिलहरे (छत्तीसगढ़ी गीत लिरिक्स)

तय मोर मुनगाकाड़ी ये मोर मुनगा के काड़ी मैं तो करिया हव जइसे हाडी तोर बर मन मोर गदगद हे बता गहना लेवव की साड़ी

देवारी के सरप्राइज: प्रिया देवांगन “प्रियू”

कहानी :            // देवारी के सरप्राइज//           “चल घर ओ रघु के दाई। अबड़ बेरा होगे। कल अउ आ जाबोन। भूख घलो लगत हे। अहादे बेरा

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