नानकिन किस्सा : दुखी लाल के दुख का बतावँव मैं, येखर मारे अब्बड़ हलाकान होगेंव। संग ला कभू छोड़े नहीं। जिहाँ जाथे उहें धर के लेगथे। मोला लेगे बर सुरता…Read More
“लोकतंत्र के तिहार” पांच बछर मा एक घव भईया, आथे ये तिहार।। जब मिलथे हम सब ला संगी, नेता चुने के अधिकार।। चुनई आथे त होथे सबो नेता के मिलना, फेर का-का होथे तेला, अब तो हे गा सुनना।। चुनई आथे ता नेता मन ला आथे जनता के सुरता। बाकी दिन फेंकथे, जईसे फटे चिरायRead More
// दीपावली विशेषांक // आलेख : //हमर गाँव-देहात मा गोबरधन पूजा // हमर छत्तीसगढ़ मा किसम-किसम के तिहार मनाये जाथे; जेमा सब ले बड़का तिहार हवै दीपावली, जेला देवारी तिहार घलो कथे। ये तिहार हर सरलग पाँच दिन तक चलथे। धनतेरस, नरक चौदस, सिरहुती, गोवर्धन पूजा, भाईदूज। गँवई-गाँवRead More
हमर छत्तीसगढ़ में बड़कन परंपरा अउ मान्यता भरे पड़े है। जेमा ले एक मान्यता जेठौनी के दिन घर के जुन्ना चरिहा, टुकना, पर्रा, सुपा या बांस ले बने कोनो भी…Read More
लोग लइका बर उपास — कमरछठ के तिहार ******************* छत्तीसगढ़ ल धान के कटोरा कहे जाथे । काबर इंहा धान के फसल जादा होथे ।इंहा के जादातर मनखे मन ह…Read More
परब बिसेस…पोरा के दिन बइलामन के पूजा करके मेहनत के महत्तम ल बताय जाथे। मेहनत के पूजा के परब ‘पोरा’, भुइंया अउ मवेसी किसान के परान हे घर-अंगना के आगू तीर म गउ माता लछमी बिराजे हे। घर के संगी हमर सहारा. बाहन-बइला संग म बिराजे हे। ए कविता ल सच करत पोरा के परबRead More
फलाहार के महत्व तीजा के उपास ला माई लोगन मन हर पूरा लगन से रहिथे, बिहनिया ले उठ के नवा–नवा लुगरा,सोलह श्रृंगार कर के भगवान शिव अउ पार्वती माता के पूजा पाठ करथे। अउ अपन पति के लंबा उम्र के कामना करथे। उपास के दूसरा दिन फलाहार करे जाथे; ये दिन घलो बड़े बिहनिया लेRead More