प्रिया देवांगन

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  • नानकिन किस्सा (व्यंग)

    नानकिन किस्सा : दुखी लाल के दुख का बतावँव‌ मैं, येखर मारे अब्बड़ हलाकान होगेंव। संग ला कभू छोड़े नहीं। जिहाँ जाथे उहें धर के लेगथे। मोला लेगे बर सुरता…Read More
  • सुन्ना मोर गांँव : प्रिया देवांगन “प्रियू”

                   //सुन्ना मोर गांँव// सुनलव संगी सुनव मितान।देवव थोरिक येती ध्यान।। कलजुग के कर लौ पहिचान। मनखे हावय बड़ परशान।। गिल्ली डंडा फुगड़ी रेल।नइ होवय अब कखरो मेल।। कहाँ लुकागे जम्मों खेल।घर मा खुसरे लगथे जेल।। अब्बड़ सुन्ना लागे खोर।करे नहीं कोनो हर शोर।। राँय राँय के दिन हर आय।गरमी माRead More
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  • धान के महिमा

         //धान के महिमा// पींयर –पींयर धनहा बाली। बिहना पड़थे सूरज लाली।। घाम अगासा के वो सहिथे। धान सोन कस चमकत रहिथे।। चिरई–चिरगुन गाना गाथे। घेरी–बेरी खेत म जाथे।। पक्का–पक्का बीजा पाथे। फोर–फोर के जम्मों खाथे।। किसम–किसम के धान ल बोथे। अब्बड़ पैदावार ह होथे।। चारों मुड़ा सुघर ममहाथे। देख किसनहा खुश हो जाथे।।Read More
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  • देवारी (दीपावली) विशेषांक : प्रिया देवांगन “प्रियू”

    देवारी विशेष —————- आलेख :       // हमर पुरखौती जिनीस आय देवारी के कुम्हड़ा-कोचई के साग ह //              हमर छत्तीसगढ़ म अब्बड़ तिहार मनाये जाथे; अउ मनाना घलो चाही, काबर की तिहार मनाये ले लोगन म मया-दुलार अउ मीत-मितानी बाढ़थे। रोज दिन तो मनखे मन अपन काम-बूताRead More
  • गोवर्धन पूजा : प्रिया देवांगन “प्रियू”

        // दीपावली विशेषांक // आलेख :  //हमर गाँव-देहात मा गोबरधन पूजा //            हमर छत्तीसगढ़ मा किसम-किसम के तिहार मनाये जाथे; जेमा सब ले बड़का तिहार हवै दीपावली, जेला देवारी तिहार घलो कथे। ये तिहार हर सरलग पाँच दिन तक चलथे। धनतेरस, नरक चौदस, सिरहुती, गोवर्धन पूजा, भाईदूज। गँवई-गाँवRead More
  • पितर विशेष : प्रिया देवांगन “प्रियू”

    हमर पितर अउ हमर कउँवा पितर पाख ह कुँवार महीना के अंधियारी पाख के एक्कम तिथि ले लेके अमावस तक चलथे। पंदरा दिन तक घरोघर बरा, सोहारी, गुलगुला भजिया, खीर बनाके पुरखा मन ला गुड़ अउ घींव के हुम दे जाथे। बताए हे की गुड़ अउ घी के हुम ला पितर पाथे। पितर पाख माRead More
  • तीजा के उपास म फरहार (फलाहार) के महत्व

    फलाहार के महत्व तीजा के उपास ला माई लोगन मन हर पूरा लगन से रहिथे, बिहनिया ले उठ के नवा–नवा लुगरा,सोलह श्रृंगार कर के भगवान शिव अउ पार्वती माता के पूजा पाठ करथे। अउ अपन पति के लंबा उम्र के कामना करथे।  उपास के दूसरा दिन फलाहार करे जाथे; ये दिन घलो बड़े बिहनिया लेRead More
  • देवारी के सरप्राइज: प्रिया देवांगन “प्रियू”

    कहानी :            // देवारी के सरप्राइज//           “चल घर ओ रघु के दाई। अबड़ बेरा होगे। कल अउ आ जाबोन। भूख घलो लगत हे। अहादे बेरा घलो ठढ़ियागे हे। मुँड़ ह…Read More
  • चिन्हारी : प्रिया देवांगन “प्रियू”

    चिन्हारी :  मनखे के जिनगी मा सिक्का एक हाना हवै कि बखत परे मा खोटा सिक्का ही काम आथे। खोटा सिक्का चलगे; माने बिगड़त काम बनगे। अइसना सियान मन कहिथें। खोटा सिक्का के चरचा के आगू बढ़े ले अब बात आथे कि सिक्का हरै का चीज। अब जइसे आम मनखे के जिनगी म धन-सम्पत्ति केRead More
  • करू भात -(तीजा पर्व विशेष) प्रिया देवांगन “प्रियू”

    तीजा के करुभात तीजा–पोरा हा हमर छत्तीसगढ़ के माई लोगन बर विशेष तिहार हरे। राखी के बाद सब के मन मा एक अलग से खुशी झलकथे की अब तीजा –पोरा आही।अउ खुशी होही काबर नहीं साल भर मा एक बार ये तिहार हर आथे। वइसे तो हर तिहार हा एके घाँव आथे, फेर ये तीजाRead More
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