मोहनी हे दाई मोहनी तोर मूरतिया (छत्तीसगढ़ी लिरिक्स)

मोहनी हे दाई मोहनी तोर मूरतिया ||2|| देखत रहितेव।।2।। देखत रहितेव ओ दाई दिन रतिया दुर्गा दाई मोर…… महामाई मोर…. दुर्गा दाई मोर महामाई मोर

झूले नजरे नजर म दाई…माटी के दुर्गा हे महामाई (छत्तीसगढ़ी लिरिक्स)

झूले नजरे नजर में दाई ।।2।। झूले नजरे नजर में ओ माटी के दुर्गा हे महामाई ||2|| कइसे करव तोर बिदाई लागे करलाई ओ झूले

कब होही तोर दरसन मईया कब होही तोर दरसन(छत्तीसगढ़ी लिरिक्स)

यहो मरना तो हावय सबला एक दिन,कोन ल हावय रहना इही माटी के ओढ़ना ये ओ दाई, इही माटी के बिछौना ।।2।। यहो संझा बिहनिया,तोर

मनखे वो दिन मर जथे | चन्द्रकांत खुंटे ‘क्रांति’

मनखे वो दिन मर जाथे जब ईमान वोकर सर जाथे। गरीबमन ले कांटा मारथे। लूट-खसोट से घर सारथे। ईमानदारी के रद्दा भुला के, टेबुल तरी

रयपुर ले 25 किमी दुरिहा रीवागढ म 2400 बछर जुन्ना मुहर मिलिस

छत्तीसगढ़ म रयपुर ले 25 कि मी के दुरीहा रिवागढ म 2400 बछर जुन्ना सिक्का मिले हवे। पुरातत्व बिशेषज्ञ के दावा हे की देस म

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