दूरिहा के ढोल सुहावन। (हाना)
दूरिहा के ढोल सुहावन। (हाना) याने : दूरिहा के ढोल ह सुहावन लागथे। ढोल ह दूरिहा ले सुहावन लगाथे। तीर म जाके देखे वोमा पोल दिखई देथे। जब कोनो मनखे के बिना बात के बड़ई होवत रहय अउ वोकर पोल खुल जथे तब ए कहावत ल कहे जाथे। अइसन मनखे दूरिहा ले बने लगथे, तीर मRead More

