छत्तीसगढ़ी हिंदी English अमली इमली TAMARIND सबद संज्ञा गोठ म बउरइ छत्तीसगढ़ी :अमली एक किसम के फर हरय जेखर स्वाद अम्मठ होथे।मटर परिवार के एकठन बिरछा के फर ले चपचपहा…Read More
श्रीमती शोभामोहन श्रीवास्तव जी के छत्तीसगढ़ी गुरतुर जनउला 1. सटर पटर लाम डोर। तीन मुड़ी दस गोड़।। 2. चाँदी जइसे जगमग, बीच हे दूफँक्का। जेन नइ जानै, हम ओकर अन…Read More
दूरिहा के ढोल सुहावन। (हाना) याने : दूरिहा के ढोल ह सुहावन लागथे। ढोल ह दूरिहा ले सुहावन लगाथे। तीर म जाके देखे वोमा पोल दिखई देथे। जब कोनो मनखे के बिना बात के बड़ई होवत रहय अउ वोकर पोल खुल जथे तब ए कहावत ल कहे जाथे। अइसन मनखे दूरिहा ले बने लगथे, तीर मRead More
(मुहावरा के अर्थ बताके गोठ म बउरव) अर्थ: असर होवई (असर होना) गोठ म बउरई/वाक्य में प्रयोग: अतेक दिन ले दवई खाय हस तेन ह अंग लगत हे l इतने दिन तक दवाई खाय हो वो अब असर कर रहा है l [chhattisgarhi_muhawra, छत्तीसगढ़ी मुहावरा, छत्तीसगढ़ी व्याकरण, chhattisgarhi Vyakran]Read More