मया ल देबे का उधार ओ ।।4।।
लागा म का लेहु ।।2।।
लागा म का देहू ।।2।।
करदे न तँय मोर सिंगार रे
मया ल का देहू उधार
मया ल का देहू उधार रे ।।2।।
माया के हटरी म मया नई बेचावय ।।2।।
मया पिरित हा हाट म नई आवय
मयारू करथे न सिंघार रे
मया ल का देहू उधार
मया ल देबे का उधार ओ
मया ल का देहू उधार रे ।।2।।
पिरित के भाखा ल चिरइया से जानेव ओ ।।2।।
नजरे नजर म बइरी अरझे रे परान ओ
नयन म भरे इजहार ओ
मया ल देबे का उधार ।।2।।
मया ल का देहू उधार रे
मया ल देबे का उधार
पल पल छीन म सूरत अउ सुरता ।।2।।
दिन ह मंजूर लागे भूटा ह लागे बिरथा
मिलन के बेरा अनसंगार रे
मया का देहू उधार रे
मया ल देबे का उधार ओ ।।2।।
मया ल का देहू उधार
मिलन के बेरा हा रही रही लमयाथे ।।2।।
बेरा ह लकठाये ल जिवरा ह जुड़ाथे
कान्ति मौनी तोर दुवार ओ
मया ल देबे का उधार
मया ल का देहू उधार रे
मया ल देबे का उधार
लागा म का लेहु ।।2।।
लगा म का देहू ।।2।।
करदे न तँय मोर सिंगार रे
मया ल का देहू उधार
उधारी नई हे मोर करार ओ ।।2।।
करदे न मोर सिंगार रे ।।3।।