अगहन बिरस्पति
//अगहन बिरसपति के पूजा// हिन्दू पंचांग मा अगहन महीना के बहुत महत्व हे। कातिक मास के बाद अगहन मास में बिरस्पत (गुरुवार) के दिन अगहन
धान के महिमा
//धान के महिमा// पींयर –पींयर धनहा बाली। बिहना पड़थे सूरज लाली।। घाम अगासा के वो सहिथे। धान सोन कस चमकत रहिथे।। चिरई–चिरगुन गाना
सुन्ना मोर गांँव : प्रिया देवांगन “प्रियू”
//सुन्ना मोर गांँव// सुनलव संगी सुनव मितान।देवव थोरिक येती ध्यान।। कलजुग के कर लौ पहिचान। मनखे हावय बड़
लोकतंत्र के तिहार “विष्णु धीवर”
“लोकतंत्र के तिहार” पांच बछर मा एक घव भईया, आथे ये तिहार।। जब मिलथे हम सब ला संगी, नेता चुने के अधिकार।। चुनई आथे त