मन भजथे जी मन रटथे ना-कान्तिकार्तिक यादव
मन भजथे जी मन रटथे ना ओम गणेशाय गणेशाय ओम गणेशाय गणेशाय ।।2।। विघनेश्वराय जपे शुमुखवराय विटकेश्वराय रटे लम्बोदराय ।।2।। मन भजथे जी मन रटथे
झुमका बिंदिया सोनहा बाली अउ नवलकिया हार
झुमका बिंदिया सोनहा बाली अउ नवलकिया हार ।।2।। मोला पहिरा देवव हो.. ये मोर मयारू मोर सपना ल सजा देवव हो… झुमका बिंदिया सोनहा बाली
अब तही ह मोरे जिनगी के ….. आधार होगे वो-पं. विवेक शर्मा जी, कंचन जोशी
अब तही ह मोरे जिनगी के ….. आधार होगे वो अब तही ह मोरे जिनगी के आधार होंगे वो तही ह मोरे जीवन के बगिया
मोर बर ले दे न राजा – कंचन जोशी, दिमन सेन (छत्तीसगढ़ी गीत लिरिक्स)
मोर बर ले दे न राजा ….. मोर बर ले दे न राजा लाली लुगरा रुनझुन पैरी सोन के नथनी बड़ कंजुस हस मोर मयारू
हाथा | HAATHA
हाथा HD Png फोटो फ्री डाउनलोड (Haatha Png HD Image Free Download) हमर छत्तीसगढ़ के महान संस्कृति म रउतइन मन जेठउनी के दिन घरो घरो
तीजा के उपास म फरहार (फलाहार) के महत्व
फलाहार के महत्व तीजा के उपास ला माई लोगन मन हर पूरा लगन से रहिथे, बिहनिया ले उठ के नवा–नवा लुगरा,सोलह श्रृंगार कर के भगवान
मोर छत्तीसगढ़ के माटी ते भारत माँ के साटी- कान्तिकार्तिक यादव (गीत लिरिक्स)
https://youtu.be/QXti_arlrUo?si=Cb9QP-I2rz6S_dft मोर छत्तीसगढ़ के माटी ते भारत माँ के साटी, मै तोला नवाव माथा महतारी आती जाती मोर छत्तीसगढ़ के माटी ते भारत माँ के
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार- ममता चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राजगीत (गीत लिरिक्स)
अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार इन्द्रावती हा पखारे तोर पईया महू पांवे परी तोर भुंईया जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मईया 1 सोहे
चल ना गा जाबो बरतिया भोला के-दुकालु यादव- सवनाही गीत (गीत लिरिक्स)
चल ना गा जाबो बरतिया भोला के बरतिया शिव भोला के बरतिया हो चल ना गा जाबो बरतिया भोला के बरतिया शिव भोला के बरतिया