मन भजथे जी मन रटथे ना ओम गणेशाय गणेशाय ओम गणेशाय गणेशाय ।।2।। विघनेश्वराय जपे शुमुखवराय विटकेश्वराय रटे लम्बोदराय ।।2।। मन भजथे जी मन रटथे हे ना ओम गणेशाय गणेशाय ओम गणेशाय गणेशाय
गौरी सुवन गणपति गजानन एकदंता तुम्हरे मुशक हे वाहन ।।2।। शिवनंदन भाले चंदन विनायक सुखकर्ता मोद मंगलदायक ।।2।।
विघनेश्वराय जपे शुमुखवराय विटकेश्वराय रटे लम्बोदराय ।।2।। मन भजथे जी मन रटथे हे ना ओम गणेशाय गणेशाय ओम गणेशाय गणेशाय
प्रथम पुज्य हे परमात्मानंद हे विग्नहर्ता हे विग्नविनाशन ।।2।। मंगल मुरती मंगलदायक हे सिद्धकर्ता सिद्धिविनायक ।।2।।
विघनेश्वराय जपे शुमुखवराय विटकेश्वराय रटे लम्बोदराय ।।2।। मन भजथे जी मन रटथे हे ना ओम गणेशाय गणेशाय ओम गणेशाय गणेशाय ।।2।।
विघनेश्वराय जपे शुमुखवराय विटकेश्वराय रटे लम्बोदराय ।।2।। मन भजथे जी मन रटथे हे ना ओम गणेशाय गणेशाय ओम गणेशाय गणेशाय ।।2।।
स्वर- कान्तिकार्तिक यादव
गीत- केशव राम सेन
संगीत- ओ पी देवांगन