भूखण्ड/खेती भुइयाँ ले जुड़े छत्तीसगढ़ी शब्द (जीतेन्द्र वर्मा”खैरझिटिया”)
भूखण्ड/खेती भुइयाँ ले जुड़े शब्द मेड़- खेत के चारो मुड़ा के पार। डोली/खेत- मेड़युक्त भूखण्ड जिहाँ धान, गहूँ, चना या पानी ले पकइया फसल बोय
हाना (छत्तीसगढ़ी कहावत)
हाना (कहावत) ल विश्व के निति- साहित्य के अंग माने जाथे। हाना अपन आप म पुरा होथे – जइसे ‘अंधरा म कनवा राजा। हाना मन
हरेली तिहार
जोहार हमर छत्तीसगढ़ के पहली तिहार “हरेली” के आप सब्बो संगवारी मन ला गाड़ा गाड़ा बधाई। आज लेे हमर कृषि बछर के सुरूवात ह होगे
अंग लगई [छत्तीसगढ़ी मुहावरा #०२]
(मुहावरा के अर्थ बताके गोठ म बउरव) अर्थ: असर होवई (असर होना) गोठ म बउरई/वाक्य में प्रयोग: अतेक दिन ले दवई खाय हस तेन ह
करेजा म पथरा लदकई [छत्तीसगढ़ी मुहावरा #०१]
अर्थ: धीरज धरई ( धैर्य रखना) गोठ म बउरई/वाक्य में प्रयोग: करेजा म पथरा लदक के अपन धनी के रद्दा जोहत हंव, एक दिन वो
धोवाय चाउर के पानी ल का कहिथे?
धोवाय चाउर के पानी ल का कहिथे? अ- पसिया ब- चरोहन स- धोवन द- पानी उत्तर:- ब- चरोहन धोले हुए चावल की पानी
श्री मद्भागवत गीता के बिसय मा जाने लइक बिचार | गीता सार- Shri Madhagwat Geeta
गीता मे हृदयं पार्थ गीता मे सारमुत्तमम्। गीता मे ज्ञानमत्युग्रं गीता मे ज्ञानमव्ययम्।। गीता मे चोत्तमं स्थानं गीता मे मरमं पदम्। गीता मे परमं गुह्यं
ये नंदा जाहि का रे नंदा जाहि का रे नंदा जाहि का
ये नंदा जाहि का रे नंदा जाहि का रे नंदा जाहि का कमरा अऊ खुमरी अरई तुतारी अरा ररा तता छू होत बिहनिया पखरा के
चइत के महीना दाई आबे मंझनी बोरे बासी संग म खवाहू तोला वो पताल चटनी
https://youtu.be/58U7OiFJyb4 चइत के महीना दाई आबे मंझनी ।।2।। बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पाताल चटनी पताल चटनी दाई दाई पताल चटनी ।।2।। बोरे
बारामास भवानी रुच मुच कसे हो सिंगार
बारामास भवानी रुच मुच कसे हो सिंगार ।।2।। रुच मुच कसे हो सिंगार ।।2।। बारामास भवानी रुच मुच कसे हो सिंगार बारामास दाई बरन बरन