ओ ओ ओ ओ ओ
आ आ आ आ आ
हो गाड़ी वाला जहुरिया,बइठे बिलम ले आमा छाव रे।।3ll
मया पिरित के जुड़ पुरवईया ।।4।।
सुख सोहर के ठाव रे
गाड़ी वाला जहुरिया…….
जनम जनम के तौर मोर कोनो होवय चीन पहिचान रे
छिन भर सोवहत के तोर लागे सगरो बछर समान रे
जुग जिनगानी मोरत देखी
होंगे तोरे नाव रे
गाड़ी वाला जहुरिया …….
पिया के पानी मोहि डारे रानी ले डाले मोर जान तँय
का जादू तँय करे रँगरेली मार के नयना बान तँय
मया डोरी म पाँव बँधागे
कइसे के अब जाव रे
गाड़ी वाला जहुरिया…..
जापर निदिया आबे रे सुरता पल छिन सांझ बिहान रे
बांध के अंचरा रख ले जतन के सउप के जात हव परान रे
मोर पिरोहि करबे अगोरा
आहु तोरे गाँव रे
जा जा रे परदेसिया लहुट के आबे मोर गाँव रे
गाड़ी वाला जहुरिया…..
लहुट के आबे मोर गाँव रे ।।3।।
गीत एवं संगीत: भूपेंद्र साहू
स्वर :मिथलेश चंद्राकर, अलका चंद्राकर