कृपा हे तोर मोर ऊपर गाँवत हव दाई मंय ह सुग्घर
दुनिया दुनिया म घुम के तोरे गीत ल मईया वो
दुर्गा मईया वो
ओ ओ ओ दुर्गा मईया वो
सुर नई जानव ताल नई जानव नई जानव कछु राग वो
कंठ म मोरे तही बिराजे जगह दिए हस भाग वो
तोर कृपा के बिना वो मईया मैं अड़हा का गातेव वो
अतका नाम अउ सोहरत ल कइसे के मैं पातेव वो