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आ आ आ आ

कृपा हे तोर मोर ऊपर गाँवत हव दाई मंय ह सुग्घर
दुनिया दुनिया म घुम के तोरे गीत ल मईया वो
दुर्गा मईया वो
ओ ओ ओ दुर्गा मईया वो

सुर नई जानव ताल नई जानव नई जानव कछु राग वो
कंठ म मोरे तही बिराजे जगह दिए हस भाग वो
तोर कृपा के बिना वो मईया मैं अड़हा का गातेव वो
अतका नाम अउ सोहरत ल कइसे के मैं पातेव वो

जोत जलय जइसे जगर बगर शोर उड़त हे मोर चारो डहर
पाके तोरे दुलार अउ पिरित ल मईया वो
दुर्गा मईया वो
ओ ओ ओ दुर्गा मईया वो

कतको हावय ग्यानी गुनी सुर लगा के गवइया वो
रागे ऊपर राग छेड़इयाँ दुसर ल झूठ बतइया वो
फेर तय मोला अपन जाने लागव दाई तोर पइयाँ वो
जन जन के मया मिल गे मोला देखत रहिगे जलइयाँ वो

तन के रहत ले जियत भर पूजा करत हव तोर सुमर सुमर
गाँवत रहिहव मईया देदे अतके आशीष ल मईया वो
दुर्गा मईया वो
ओ ओ ओ दुर्गा मईया वो

कृपा हे तोर मोर ऊपर गाँवत हव दाई मंय ह सुग्घर
दुनिया दुनिया म घुम के तोरे गीत ल मईया वो
दुर्गा मईया वो
ओ ओ दुर्गा मईया वो

स्वर : पं. विवेक शर्मा जी
संगीत : पं. विवेक शर्मा जी
गीत : दास मनोहर जी

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