तै अगासे बन जा सुरुज रे मैं चंदा बन जाथव ।।2।।
जुग जुग उबो जुग जुग बुढ़बो गीत मया के गाबो
तै अगासे बन जा सुरुज रे मैं चंदा बन जाथव
बचन हे माला गंगा करम हे
शरदा सागर बिस्वास धरम हे
तै पुरवईया मंय मस्त पवन झूम झूम लहेराबो
सात समुंदर बन के चिरइया पिरित परेवा उड़जाबो
तै पुरवईया मैं मस्त पवन झूम झूम लहेराबो
कजरी बन मया पिरित कनन बन
हिरदय गोकुल अन्तस बिन्दाबन
तै बन जाना किशन कन्हैया मैं राधा बन जाथव
मुरली के धुन सुन मन के दिवानी
होके बिधुन मैं नाचव
तँय अगासे बन जा सुरुज रे मैं चंदा बन जाथव ।।3।।