छत्तीसगढ़ी .in छत्तीसगढ़ी लेख, छत्तीसगढ़ी शब्दकोश Less than a minute 99 words 2 views दूरिहा के ढोल सुहावन। (हाना) याने : दूरिहा के ढोल ह सुहावन लागथे। ढोल ह दूरिहा ले सुहावन लगाथे। तीर म जाके देखे वोमा पोल दिखई देथे। जब कोनो मनखे के बिना बात के बड़ई होवत रहय अउ वोकर पोल खुल जथे तब ए कहावत ल कहे जाथे। अइसन मनखे दूरिहा ले बने लगथे, तीर म आय ले बने नइ लगय। Log in to clap and saveWritten byछत्तीसगढ़ी .inJoin to follow writers Prev Post मेहनत के पूजा के. Next Post संस्कृति के दरपन म.