पिलेश्वरी छत्तीसगढ़ी गीत लिरिक्स 2 min read 393 words 3 views तोर दया होतिस त दाई जिभिया म कलसा सजातेव ।।2।। दुई नयना के बाती म ,आंसु म जोत जलातेव ।।2।। तोर दया होतिस त दाई जिभिया म कलसा सजातेव ।।2।। कृपा करथे कृपालु माता , छाती म बोतेव जवारा गंगा जल पानी के बदला, चरन म अंसुवन धारा तोर देवन तन ल माँ , नव दिन मंय भेंट चगातेव ।।2।। तोर दया होतिस त दाई जिभिया म कलसा सजातेव ।।2।। संझा बिहनिया रोम रोम ह तोरेच गुन ल गातीस हाय रे अभागा कंचन काया नाव तोर गोहरातीस आशा अउ बिस्वासा के ,मंय ह अलख जगातेव ।।2।। तोर दया होतिस त दाई जिभिया म कलसा सजातेव ।।2।। तोर मया के शबरी म दाई सरवन मंय नहातेव माटी के हंथी माटी घोड़ा तोर भुवन म रेंगातेव आंगा सांगा पंचमाड़िया ,बाना म देवता नाचातेव ।।2।। तोर दया होतिस त दाई जिभिया म कलसा सजातेव ।।2।। अतके हावय विनती माता अतके हावय अरजी माँ ये काया तोर लागा छुटतीस बाकी तोर मरजी माँ कान्तिकार्तिक कहिथे न परमानन्द कठोलिया ल तोर धरम ध्वजा फहरातेव तोर दया होतिस त दाई जिभिया म कलसा सजातेव ।।2।। दुई नयना के बाती म ,आंसु म जोत जलातेव ।।2।। तोर दया होतिस त दाई जिभिया म कलसा सजातेव ।।2।। स्वर : कान्तिकार्तिक यादव संगीत : ओ. पी. देवांगन गीत : परमानंद कठोलिया Log in to clap and saveWritten byपिलेश्वरीJoin to follow writers Prev Post दाई तोर पइयाँ लागव. Next Post गाड़ी वाला जहुरिया ......