डोरी सांस के बंधे बम भोला ले 2 जीव शिव हे शिव जीव हे 2 पंचरतन के चोला हे जाना तोला मोला हे डोरी सांस के बंधे बम भोला ले 2
बिन तोर इच्छा सरी जगत में नई हाले डारा पाना मंद मंद पुरवाही डोले जीव जती पाये दाना कण कण म नस नस मा भोला तोर परछो हा समाये हे तोर किरपा ले धरा धाम मा जीव आये अउ जाये हे
आदि अंत के नई हे चिन्हारी सगरो भगत बर तोर दुआरी शिव के लगन के ये डोला ये जाना तोला मोला हे डोरी सांस के बंधे बम भोला ले 2
तोरे दया के छइहा म भोला बीज हा बर हो जाये हे भगती के तोर रंगनी म रंग के जीव अमर हो जाये हे मान जथस तै कभू एक छन मा कभू जुग जुग मा नई मानस नई हे कोनो मन के भाव हा जेन ला ते हर नई जानस
अर्पण कर दौ शिव के चरण म कांतिकार्तिक साधै मन मा माटी के ये चोला ये, जाना तोला मोला हे डोरी सांस के बंधे बम भोला ले 2 जीव शिव हे शिव जीव हे 2 पंचरतन के चोला हे जाना तोला मोला हे डोरी सांस के बंधे बम भोला ले 2
गीत – डोरी सांस के बंधे बम भोला ले
स्वर – कांतिकार्तिक यादव
गीत – कांतिकार्तिक यादव
संगीत – ओ पी देवांगन