पिलेश्वरी छत्तीसगढ़ी गीत लिरिक्स 3 min read 524 words 243 views https://youtu.be/58U7OiFJyb4 चइत के महीना दाई आबे मंझनी ।।2।। बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पाताल चटनी पताल चटनी दाई दाई पताल चटनी ।।2।। बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी ए चइत के महीना दाई आबे मंझनी बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पाताल चटनी पताल चटनी दाई दाई पताल चटनी बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी कहाँ ले लावव माल पुआ मंय निर्धन किसान वो मंय निर्धन किसान दाई मंय निर्धन किसान वो घर म आबे चिला खवाहु चाउर के पिसान वो चाउर के पिसान दाई चाउर के पिसान वो तै आबे मंझनी….बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी पताल चटनी दाई दाई पताल चटनी बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी अंगाकर ह बने मिठाही संग मिरचा के झार वो संग मिरचा के झार दाई संग मिरचा के झार वो भोग लगा ले महामाई महु ल देना तार वो महु ल देना तार दाई महु ल देना तार वो तै आबे मंझनी….बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी पताल चटनी दाई दाई पताल चटनी बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी देवबलौदा देवलोक म हावय तोरे वास वो हावय तोरे वास दाई हावय तोरे वास वो नौ दिन ले बलावत हव मंय करीके उपास वो करीके उपास दाई करीके उपास वो तै आबे मंझनी….बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी पताल चटनी दाई दाई पताल चटनी बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी ए चइत के महीना दाई आबे मंझनी ।।2।। बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पाताल चटनी ए पताल चटनी दाई दाई पताल चटनी बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी बोरे बासी संग म खवाहु तोला वो पताल चटनी ।।4।। स्वर: दिलीप षड़ंगी जी ,कुश शर्मा जी स्वर : अनुपमा मिश्रा, अंकिता मिश्रा संगीत : दिलीप षड़ंगी जी Log in to clap and saveWritten byपिलेश्वरीJoin to follow writers Prev Post बारामास भवानी रुच मुच. Next Post ये नंदा जाहि का.