दाई वो ….. मोर दाई
दाई वो ….. मोर दाई
दाई वो मोरे दाई सुन ले ना गउरी माई ।।2।।
झन जाबे मोला कहु छोड़ के
मया के बांधे डोरी टोर के ।।2।।
दाई वो मोरे दाई सुन ले न गउरी माई ।।2।।
झन जाबे मोला कहु छोड़ के
मया के बांधे डोरी टोर के ।।2।।
दाई वो ….. मोर दाई ।।2।।
दाई वो ….. मोर दाई ।।2।।
बइरी जमाना हे दाई मोला धुतकारथे ।।2।।
सरन तोर लेले दाई मोला अपन प्यार से
दाई वो मोरे दाई सुन ले ना मोर करलाई ।।2।।
अरजी करथौ हाथ जोड़ के ।।2।।
झन जाबे दाई मुँह मोड़ के
दाई वो ….. मोर दाई ।।2।।
दाई वो ….. मोर दाई ।।2।।
रात दिन दुख बिसराथंव सरन म गोहार के ।।2।।
तोर छोड़ नई हे कोनो आके तै उबार ले
फंस गे हव बीच भंवरिया बुड़त हे मोरो नइया ।।2।।
जीवन के डोंगा ला निकाल दे ।।2।।
अंजोर करदे अंधियार ले
दाई वो ….. मोर दाई ।।2।।
दाई वो ….. मोर दाई ।।2।।
स्वर : ईश्वर साहू ” बंधी ”
स्वर : कु. पिंकी साहू “बंधी”
गीत : ईश्वर साहू ” बंधी ”
संगीत: गोविंद साव