मोहनी हे दाई मोहनी तोर मूरतिया ||2||
देखत रहितेव।।2।।
देखत रहितेव ओ दाई दिन रतिया
दुर्गा दाई मोर……
महामाई मोर….
दुर्गा दाई मोर महामाई मोर तोर सुरतिया
देखत रहितेव ।।1।।
देखत रहितेव ओ दाई दिन रतिया
बनके सेउक तोरे ओ दाई ,सेवा मंय बजातेव ओ ।।2।।
राख ले मोला तोरे तीर म ,जस ला तोरे गातेव ओ
ये चढातेव ओ ।।2।।
ओ ओ ओ ओ
मंय ओढहातेव ओ
ये चढ़ातेव ओ मंय ओढहातेव लाली चुनरिया
देखत रहितेव
देखत रहितेव ओ दाई दिन रतिया ।।2।।
सरग ले सुग्घर लागे ओ दाई, तोरे अंचरा के छइयां ओ ।।2।।
कहा जाहु मंय चारो धाम,परत राहव तोर पइयाँ ओ
मंय मनातेव ओ
ओ ओ ओ ओ
गिर जातेव ओ
मंय मनातेव ओ गिरजातेव ओ तोर ओ तोर चरनइया
देखत रहितेव
देखत रहितेव ओ दाई दिन रतिया
मोहनी हे दाई मोहनी तोर मूरतिया
देखत रहितेव ||2||
देखत रहितेव ओ दाई दिन रतिया ।।4।।
स्वर : पंडित विवेक शर्मा
गीत,संगीत:पंडित विवेक शर्मा