आजा… दाई आजा,आजा… दाई आजा ।।2।।
नानकुन मोर कुरिया के…..
नानकुन मोर कुरिया के अंगना म रखदे पाँव ||2||
आजा आजा ओ मयारू दाई आजा मोर गाँव
आजा… दाई आजा,आजा… दाई आजा ।।1।|
आ आ आ आ आ
निच्चट गरीब हव दाई मंय तो,दूसर के बनिहार हार ओ ||2||
बोरे बासी चटनी खवाहु अउ,तिवरा के दार ओ
सुन ले गोहार ये दुखिया के, दे अंचरा के छाव ओ ।।2।।
आजा आजा ओ मयारू दाई आजा मोर गाँव ||2||
आजा… दाई आजा,आजा… दाई आजा
आ आ आ आ आ
छपन भोग मंय कहाँ ले पाहु, खीर पुरी कलेवा ओ ।।2।।
आसुवन धार म चरन धोवाके, करहु तोरेच सेवा ओ
तोर बिना ये दुनिया के जिनगी लगे हे दाव ।।2।।
आजा आजा ओ मयारू दाई आजा मोर गाँव ||2||
आजा… दाई आजा,आजा… दाई आजा
आ आ आ आ आ आ
चइत कुँवार नवराती म तोला मनाएं संसार ओ ।।2।।
मंय तो सुमरत हव पल पल तोला सुनले मोर गोहार ओ
दरस देखा दे आके थोरकिन तोरेच लइका ताव ओ ||2||
आजा आजा ओ मयारू दाई आजा मोर गाँव
आजा आजा ओ मयारू दाई आजा मोर गाँव
नानकुन मोर कुरिया के…..
नानकुन मोर कुरिया के अंगना म रखदे पाँव ||2||
आजा आजा ओ मयारू दाई आजा मोर गाँव ।।2।।
आजा… दाई आजा,आजा… दाई आजा ||4||
आजा ओ…दाई ओ…आजा ओ…
स्वर:विवेक शर्मा