लोकतंत्र के तिहार “विष्णु धीवर”
“लोकतंत्र के तिहार” पांच बछर मा एक घव भईया, आथे ये तिहार।। जब मिलथे हम सब ला संगी, नेता चुने के अधिकार।। चुनई आथे त होथे सबो नेता के मिलना, फेर का-का होथे तेला, अब तो हे गा सुनना।। चुनई आथे ता नेता मन ला आथे जनता के सुरता। बाकी दिन फेंकथे, जईसे फटे चिरायRead More
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