चिन्हारी : प्रिया देवांगन “प्रियू”
चिन्हारी : मनखे के जिनगी मा सिक्का एक हाना हवै कि बखत परे मा खोटा सिक्का ही काम आथे। खोटा सिक्का चलगे; माने बिगड़त काम बनगे। अइसना सियान मन कहिथें। खोटा सिक्का के चरचा के आगू बढ़े ले अब बात आथे कि सिक्का हरै का चीज। अब जइसे आम मनखे के जिनगी म धन-सम्पत्ति केRead More