मया ल देबे का उधार ओ…लागा म का लेहु (छत्तीसगढ़ी लिरिक्स)
मया ल देबे का उधार ओ ।।4।। लागा म का लेहु ।।2।। लागा म का देहू ।।2।। करदे न तँय मोर सिंगार रे मया ल का देहू उधार मया ल का देहू उधार रे ।।2।। माया के हटरी म मया नई बेचावय ।।2।। मया पिरित हा हाट म नई आवय मयारू करथे न सिंघार रेRead More